उजाला योजना की शुरुआत (launch of ujala scheme) भारत सरकार ने ऊर्जा की बचत और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से ‘उजाला’ योजना

भारत सरकार ने ऊर्जा की बचत और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से ‘उजाला’ योजना की शुरुआत की। उजाला का पूरा नाम है “उन्नत ज्योति बाय अफोर्डेबल एलईडी फॉर ऑल”। इस योजना के तहत सस्ती और किफायती एलईडी बल्ब और उपकरण आम जनता को उपलब्ध कराए जाते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य बिजली की खपत को कम करना, बिजली के बिल को घटाना और साथ ही पर्यावरण को संरक्षित करना है।

एलईडी का महत्व (Importance of LEDs)

एलईडी (लाइट एमिटिंग डायोड) बल्ब सामान्य बल्बों और सीएफएल बल्बों की तुलना में अधिक ऊर्जा दक्ष होते हैं। ये बल्ब न केवल बिजली की खपत कम करते हैं बल्कि इनका जीवनकाल भी अधिक होता है। एक सामान्य एलईडी बल्ब 15-20 साल तक चल सकता है जबकि एक साधारण बल्ब का जीवनकाल केवल 1-2 साल होता है।

इसके अलावा, एलईडी बल्ब सीएफएल बल्बों की तुलना में लगभग 80% कम बिजली खर्च करते हैं। Impact of Ujala scheme

उजाला योजना की शुरुआत जनवरी 2015 में की गई थी। इसे भारत सरकार की पहल पर एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) द्वारा लागू किया गया। इस योजना का लक्ष्य 2020 तक 77 करोड़ एलईडी बल्बों को वितरण करना था। यह योजना विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी साबित हुई जो बिजली के बढ़ते बिलों से परेशान थे।

उजाला योजना के लाभ (Benefits of Ujala Yojana)

1.बिजली की बचत: एलईडी बल्बों की ऊर्जा दक्षता के कारण बिजली की खपत में कमी आती है। उदाहरण के लिए, 9 वॉट का एलईडी बल्ब 100 वॉट के सामान्य बल्ब के बराबर रोशनी देता है। इससे बिजली की खपत में 90% तक की बचत होती है।

2.पर्यावरण संरक्षण: एलईडी बल्बों में हानिकारक रसायन नहीं होते हैं,

जिससे ये पर्यावरण के लिए सुरक्षित होते हैं। सीएफएल बल्बों में मरकरी होता है जो पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है।

3.कम खर्च: उजाला योजना के तहत एलईडी बल्ब और अन्य उपकरणों की कीमत बाजार से कम होती है। इससे आम जनता को आर्थिक रूप से लाभ मिलता है। Impact of Ujala scheme

4.लंबा जीवनकाल: एलईडी बल्बों का जीवनकाल अधिक होता है, जिससे बार-बार बल्ब बदलने की आवश्यकता नहीं होती है। इससे दीर्घकालिक खर्चों में कमी आती है।

उजाला योजना का प्रभाव (Impact of Ujala scheme)

उजाला योजना ने पूरे देश में एक सकारात्मक बदलाव लाया है। इस योजना के तहत अब तक करोड़ों एलईडी बल्ब वितरित किए जा चुके हैं। इससे न केवल ऊर्जा की बचत हुई है बल्कि बिजली के बिल में भी भारी कमी आई है। इसके अलावा, बिजली उत्पादन की मांग में भी कमी आई है, जिससे देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिली है।

उजाला योजना ने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है।

ग्रामीण क्षेत्रों में जहां बिजली की समस्या अधिक होती है, वहां एलईडी बल्बों का वितरण विशेष रूप से लाभकारी साबित हुआ है। शहरी क्षेत्रों में भी बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने में यह योजना मददगार साबित हुई है। Impact of Ujala scheme

उजाला योजना की सफलता को देखते हुए, भविष्य में और भी ऊर्जा दक्ष उपकरणों को शामिल करने की योजना है। सरकार का लक्ष्य है कि हर घर में ऊर्जा दक्ष उपकरण उपलब्ध हों, जिससे बिजली की खपत को कम किया जा सके और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल सके।

निष्कर्ष (conclusion)

उजाला योजना न केवल बिजली की बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है बल्कि यह आम जनता को आर्थिक रूप से भी लाभान्वित करती है। यह योजना एक सफल पहल के रूप में उभरी है और इसका प्रभाव देश के हर कोने में देखा जा सकता है। इससे न केवल ऊर्जा की बचत होती है बल्कि यह योजना एक स्थायी और पर्यावरण मित्र भविष्य की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। उजाला योजना ने यह साबित कर दिया है कि सही नीतियों और योजनाओं के माध्यम से आम जनता को लाभान्वित किया जा सकता है और देश के विकास में योगदान दिया जा सकता है। Impact of Ujala scheme

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